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सनी लियोने मेरा नाम!

Posted On: 1 Aug, 2012 में

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वर्तमान परिद्रश्य में पिछले कुछ महीनो में भारतीय समाज में लड़कियों को छेड़ने, उनके साथ बलात्कार करने अथवा सामूहिक बलात्कार करने, साथ ही उनके पहनावे तथा रहन-सहन पर उंगलियाँ उठाने इत्यादि की घटनाएं बड़ी मात्रा में सामने आई हैं, इसके साथ ही यह भी ध्यान देने योग्य बात है की आज-कल प्रदर्शित होने वाली समस्त फिल्मों में कुछ अश्लील दृश्य अवश्य नज़र आ रहे हैं…इसके अलावा वीना मालिक, पूनम पाण्डे साथ ही कुछ और मॉडलों के नग्न तस्वीरे खिंचवाने इत्यादि की घटनाएं सामने आई हैं, गौर करने वाली बात यह है की पिछले साल भर पहले तक स्थिति इतनी खराब नहीं थी जितनी की अब हो चुकी है, बहुत सोंचने-विचारने के बाद बस एक ही बात दिमाग में आ रही है की एक दिन अखबार में पढ़ा था सनी लियोने एक पोर्न स्टार बिग बॉस में हिस्सा लेगी…उसके बाद उत्सुकता हुयी जान्ने की कि ये पोर्न स्टार क्या होता है? नेट पे सर्च किया जान गए यही जिज्ञासा मेरे साथ ही अन्य युवाओं और प्रौढ़ों को भी हुयी होगी, वे भी जान गए होंगे,गली-गली युवाओं में इनका चर्चा आम हो गया I उसके बाद बहुत से संस्कारी बच्चे भी अपनी राह से भ्रमित होकर इस मोहजाल के वशीभूत हुए तथा उनका दिमाग और सोंच कुंठित हुए….जिसका प्रस्फुटन होना शुरू हुआ तो पिछली कुछ घटनाओं के रूप में सामने आया I आज भारत देश कि यही नियति बन गयी है कि यहाँ हर अच्छी चीज़ पर पाबंदी और बुरी चीज़ को छूट प्रदान की जा रही है I सनी लियोने को भारतीय नागरिकता मिलने में ज़रा भी देर न लगी जबकि बेचारे बालकृष्ण जो योग और आयुर्वेद द्वारा लोगों के रोग और रोगी मानसिकता का निवारण करते थे उन्हें आज जेल कि हवा खानी पड़ रही है….इस परिदृश्य पर एक कविता का सृजन करके आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ I

****************************

सनी लिओने मेरा नाम

“काम” से रहता मुझको काम

इज्ज़त देती, इज्ज़त पाती

इज्ज़त की ही रोटी खाती

भारत देश है मुझको प्यारा

भारत को करती हूँ प्रणाम

सनी लिओने मेरा नाम

“काम” से रहता मुझको काम

बचपन में मैं भारत आई

देख खजुराहो चकराई

लगी मूर्तियाँ बड़ी ही अच्छी

नहीं बनावट बिलकुल सच्ची

मन मेरा भी लगा बोलने

ऐसेही बीते सुबहो शाम

सनी लिओने मेरा नाम

“काम” से रहता मुझको काम

इक पुस्तक मैं लेके आई

की जब मैंने उसकी पढ़ाई

सेक्स कला है मैंने जाना

सबसे श्रेष्ठ है मैंने माना

एक साथ 64 हैं कलाएं

बात नहीं ये कोई आम

सनी लिओने मेरा नाम

“काम” से रहता मुझको काम

सीखने अभिनय भारत आई

आते ही इक फिल्म भी पाई

लोगों में चर्चा गरमाई

फिल्म से मुझको होगी कमाई

लेकिन मुझे भारत आने को

कॉँग्रेस ने दिए हैं दाम

सनी लियोने मेरा नाम

“काम” से रहता मुझको काम

भ्रष्टाचार से त्रस्त थी जनता

काम कोई न उसका बनता

महंगाई ने सबको रुलाया

तब कॉँग्रेस ने मुझे बुलाया

मेरे जलवे देख-देख के

सबको मिला बहुत आराम

सनी लियोने मेरा नाम

“काम” से रहता मुझको काम

मैंने दिखाए अपने खेल

बालकृष्ण को हो गयी जेल

दो घंटे में नागरिकता पाई

बालकृष्ण की हुयी पिटाई

छोडो योग, करो ऐयाशी

लूटो इज्ज़त, छलकाओ जाम

सनी लियोने मेरा नाम

“काम” से रहता मुझको काम

लड़कियों पर हों ज़ुल्म हज़ार

गली-घरों में बलात्कार

भारत का है बंटाधार

नहीं मिटेगा भ्रष्टाचार

तुम ही देश संभालो अपना

वरना होगा काम तमाम

सनी लियोने मेरा नाम

“काम” से रहता मुझको काम

मुझे किया जाए सम्मानित

तो न देना मुझको इल्ज़ाम

सनी लियोने मेरा नाम

“काम” से रहता मुझको काम

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33 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Madan Mohan saxena के द्वारा
18/10/2012

बहुत अद्भुत अहसास…सुन्दर प्रस्तुति .पोस्ट दिल को छू गयी…….कितने खुबसूरत जज्बात डाल दिए हैं आपने……….बहुत खूब,बेह्तरीन अभिव्यक्ति .आपका ब्लॉग देखा मैने और नमन है आपको और बहुत ही सुन्दर शब्दों से सजाया गया है लिखते रहिये और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये.

Himanshu Nirbhay के द्वारा
31/08/2012

बहुत ही अच्छी रचना–समीर जी यूँ ही ज्वलंत समस्याओं पे लिखते रहिये और जन जागरण मैं अपने योगदान देते रहें, ऐसी मेरी शुभकामनायें हैं….

Chandan rai के द्वारा
15/08/2012

अनिल जी, समाज अच्छे .बुरे , सभी प्रकार के लोगो से bantaa है ! जब हम स्त्री को सम्मान नहीं दिला सकते तो उनके चरित्र पर आक्रमण निंदनीय है !

    Anil Kumar "Pandit Sameer Khan" के द्वारा
    15/08/2012

    चन्दन जी, वाकई समाज अच्छे और बुरे लोगों से मिलकर बनता है और बुरे लोगों की बुराई सभी करते हैं, इस लेख में सिर्फ किसी चारित्रिक रूप से गिरी हुयी स्त्री की बुराई नहीं है बल्कि हर उस व्यक्ति की बुराई है जो उस स्त्री के कर्मो को पसंद करते हुए स्वयं भी चारित्रिक रूप से गिर रहा है तथा उस सरकार की भी बुराई है जिसे योग सिखाने वाले आयुर्वेदाचार्य के भारतीय नागरिकता ग्रहण करने पर कष्ट है क्योंकि वे ऐसे संगठन से जुड़े हैं जो उस सरकार की भ्रष्टाचार एवं महंगाई के कारण बुराई कर रहा है किन्तु जिस सरकार को चारित्रिक रूप से गिरी हुयी स्त्री को भारतीय नागरिकता देने में कोई हर्ज़ नहीं हुआ, रही सम्मान की बात तो आज भी आधे से ज्यादा लोगों को न्याय नहीं मिलता इसका मतलब ये नहीं की उनके गलत कार्यों की आलोचना न की जाए….सनी लियोने की तुलना अन्य भारतीय स्त्रियों से तो बिलकुल भी मत कीजियेगा, क्योंकि आज भी भारत की ज़्यादातर स्त्रियाँ चारित्रिक रूप से बहुत मज़बूत हैं बजाय यहाँ के पुरुषों के, किन्तु जिस तरह आज का परिवेश कुछ सनी जैसी स्त्रियों और बहुत सारे पुरुषों द्वारा गन्दा किया जा रहा है वह निंदनीय है और इसे किसी भी कारण से सही नहीं ठहराया जा सकता……..आपके पास और कोई तर्क हो तो ज़रूर रखियेगा! प्रतीक्षा में…

अमित वर्मा के द्वारा
09/08/2012

आपकी ये रचना बहुत ही प्रभावशाली है …..मैं आपकी इजाजत लिए बिना ही आपके नाम और ब्लॉग पते के साथ इसे अपने टाइम लाइन पर पोस्ट कर रहा हूँ …..गुस्ताखी हेतु क्षमा प्रार्थी हूँ !!!!

    Anil Kumar "Pandit Sameer Khan" के द्वारा
    10/08/2012

    अमित जी, आपके कार्य को मेरा समर्थन है पर कृपया अपने टाइम लाइन का एड्रेस तो बता देते… बहुत बहुत शुक्रिया

अमित वर्मा के द्वारा
09/08/2012

अनिल जी बहुत खूब ……..बहुत ज्वलंत मुद्दा ……..तीक्ष्ण प्रहार !!! मैंने दिखाए अपने खेल बालकृष्ण को हो गयी जेल दो घंटे में नागरिकता पाई बालकृष्ण की हुयी पिटाई छोडो योग, करो ऐयाशी लूटो इज्ज़त, छलकाओ जाम बहुत खूब !!!

vikramjitsingh के द्वारा
09/08/2012

आदरणीय अनिल जी…..सादर… अक्षरक्ष सही लिखा है आपने…….. कल को अगर ‘कला’ के नाम पर ‘भारत रत्न’ भी दे दिया जाये तो हैरानगी नहीं होनी चाहिए….???

    Anil Kumar "Pandit Sameer Khan" के द्वारा
    10/08/2012

    सादर नमस्कार विक्रम जी, प्रतिक्रिया द्वारा समर्थन के लिए शुक्रिया

bhanuprakashsharma के द्वारा
08/08/2012

सुंदर रचना के साथ आपने समाज की सच्चाई को प्रस्तुत किया है। अच्छा व्यंग्य व कटु सत्य भी। 

    Anil Kumar "Pandit Sameer Khan" के द्वारा
    09/08/2012

    सराहना के लिए धन्यवाद भानु जी, किन्तु भानु जी आपको मैंने एक अन्य रचना के लिए आमंत्रण दिया था जिस पर आपने प्रतिक्रिया अभी तक तो नहीं दी है, मुझे अभी उस रचना पर आपकी प्रतिक्रिया का इंतज़ार है

shashibhushan1959 के द्वारा
08/08/2012

आदरणीय समीर जी, सादर ! बहुत अच्छी व्यंग्यात्मक रचना ! कटु सत्य भी ! “लड़कियों पर हों ज़ुल्म हज़ार गली-घरों में बलात्कार भारत का है बंटाधार नहीं मिटेगा भ्रष्टाचार तुम ही देश संभालो अपना वरना होगा काम तमाम” . साथ में चेतावनी भी ! बहुत सुन्दर !

    Anil Kumar "Pandit Sameer Khan" के द्वारा
    08/08/2012

    आदरणीय शशिभूषण जी बहुत-बहुत शुक्रिया

kpsinghorai के द्वारा
07/08/2012

छोडो योग, करो ऐयाशी लूटो इज्ज़त, छलकाओ जाम. अनिलजी, अत्यंत सुंदर रचना के साथ आपने समाज की सच्चाई को प्रस्तुत किया है।

    Anil Kumar "Pandit Sameer Khan" के द्वारा
    08/08/2012

    आदरणीय के० पी० जी प्रतिक्रिया देने के लिए धन्यवाद

bebakvichar, KP Singh (Bhind) के द्वारा
06/08/2012

भ्रष्टाचार से त्रस्त थी जनता काम कोई न उसका बनता महंगाई ने सबको रुलाया तब कॉँग्रेस ने मुझे बुलाया मेरे जलवे देख-देख के सबको मिला बहुत आराम सनी लियोने मेरा नाम अत्यंत सुंदर रचना के माध्यम से अनिल जी आपने समाज की कई विद्रूपताओं को उजागर किया है।

    Anil Kumar "Pandit Sameer Khan" के द्वारा
    07/08/2012

    आदरणीय के० पी० जी बहुत बहुत धन्यवाद

D33P के द्वारा
06/08/2012

एक बात समझ नहीं आती मिडिया सनी लियोन को इंतनी तव्वजो क्यों दे रही है ? क्या अन्य मुद्दे महत्वपूर्ण नहीं है ?

    Anil Kumar "Pandit Sameer Khan" के द्वारा
    07/08/2012

    आदरणीय दीप्ति जी मीडिया भी पैसों के लिए ही काम करती है यहाँ तक मीडिया पर ये आरोप भी लगे हैं की सरकार के दबाव में उसने अन्ना आन्दोलन की कवरेज नहीं दिखाई फिर सरकार की अन्य बुराइयों को भी वो कम से कम दिखाकर ऐसी ही चीज़े दिखाए जिससे उसको फायदा हो और पब्लिक का ध्यान भी सरकारी बुराइयों पर से कम हो जाए… तो इसमें ज्यादा ताज्जुब नहीं रही बात मेरी की मैंने इस विषय पर क्यों लिखा ?….वह तो उपरोक्त लेख और रचना को पढ़कर समझ में आ ही गया होगा I प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद

kirtichauhan के द्वारा
04/08/2012

अनिल जी कविता अच्छी है और आपने जो लेख लिखा है कविता से पहले उसमे आपने महत्वपूर्व प्रश्न उठाए है जो बहुत जरूरी है आपका धन्यवाद ऐसे सोचनिए योग्य कविता के साथ लेख लिखने के लिए…

vaidya surenderpal के द्वारा
03/08/2012

अनिल जी नमस्कार, बहुत ही बढ़िया व्यंगात्मक कविता के द्वारा सटीक चित्रण किया है आपने । भ्रष्ट कांग्रेसी शासन से और अपेक्षा भी क्या की जा सकती है ।

    Anil Kumar "Pandit Sameer Khan" के द्वारा
    04/08/2012

    सही बात है सुरेन्द्र जी, बहुत बहुत शुक्रिया

ambric04 के द्वारा
03/08/2012

अनिल और समीर भाई व्यंग्यात्मक तरीके से आज के समाज की तस्वीर पेश कर दी आपने,बहुत खूब

ajaykr के द्वारा
03/08/2012

अनिल सर,सादर अभिवादन , ये हकीकत हैं की पिछले कुछ माह से [खासकर सन्नी के आगमन से]देश में छेड़खानी ,बलात्कार की घटनाओं में बहुत तेजी आई हैं |पूरे देश में हर दिन नकारात्मक खबरों से अखबार भरे रहते हैं ……… छोटे बच्चे जिज्ञासु होते हैं …वे हमेशा खोजबीन करते रहतें हैं ….आज माँ बाप के पास समय नही हैं ,किन्तु बच्चो के पास नेट हैं |अधकचरा और निम्न स्तर की जानकारियाँ आसानी से पा जातें हैं | सुबह उठते ही अखबार पढ़ने की आदत होती हैं लोगों में ..जब मन की दिन भर प्रोग्रम्मिंग करना होता हैं उस समय चोरी हत्या बलात्कार की खबरे पढते हैं |रात को टीवी से ट्यूशन लेके सो जाते हैं ………………. किसी लड़की से छेड़खानी होती हैं तो …छेड़खानी करने वाले के माँ ,बाप ,मीडिया,..दोस्त ….आसपास का माहौल , आंतरिक आत्मबल ….शिक्षक तक कहीं ना कहीं से दोषी हैं |

    Anil Kumar "Pandit Sameer Khan" के द्वारा
    03/08/2012

    अजय भाई सादर नमस्कार, आपकी बात सही है, आज हर तरफ से हमारे दिमाग में नकारात्मक बातें ही आ रही हैं ऐसे में कुछ लोगों का अपनी राह से भटक जाना स्वाभाविक है, किन्तु इन्हें भटकने से रोका जा सकता था और आगे भी ऐसा होने से रोका जा सकता है, अगर सेंसर बोर्ड और हमारी सरकारें तथा माता-पिता अपनी ज़िम्मेदारी को ठीक से निभाएं!

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
02/08/2012

हो सकता है आगामी चुनाव में वो किसी पार्टी की स्टार प्रचारक बने

    Anil Kumar "Pandit Sameer Khan" के द्वारा
    02/08/2012

    हाँ प्रदीप जी हो सकता है, मुझे तो लगता है की कॉँग्रेस की ही बनेगी….क्योंकि इसके भारत आने से जितना सुकून कॉँग्रेस को मिला है उतना शायद ही किसी और को मिला हो!

    ajaykr के द्वारा
    03/08/2012

    नाना जी की बात से सहमत

dineshaastik के द्वारा
02/08/2012

अनिल जी सादर नमस्कार, समझ नहीं आता ये सरकार भारत को कैसा देश बनना चाहती है। यह क्यों भारत को अपने रँग में रँग रही है। वह दिन भी दूर नहीं जब सनी लेयोने जैसे लोंगो को संसद भी पहुचा दिया जायगा तथा किसी राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाज दिया जायगा।  व्यंगात्कम कविता बहुत ही सुन्दर बन पड़ी है।… सराहनीय प्रयास के लिये बधाई….

    Anil Kumar "Pandit Sameer Khan" के द्वारा
    02/08/2012

    दिनेश जी सादर नमस्कार, आप बिलकुल सही कह रहे हैं सराहना के लिए धन्यवाद..

Anil Kumar "Pandit Sameer Khan" के द्वारा
01/08/2012

इस व्यंगात्मक एवं समसामयिक कविता पर समस्त बुद्धिजीविओं के विचारों का स्वागत है….


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